सोनभद्र के रेणुकूट और आसपास के क्षेत्रों का छत्तीसगढ़ के सरगुजा क्षेत्र से बेहतर रेल संपर्क स्थापित होने पर यात्रियों को आवागमन के अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं। इससे व्यापार, रोजगार, शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
आखिर कब पूरी होगी जनता की उम्मीद?
क्षेत्र के लोगों का सवाल है कि जब इस रेल लाइन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है और परियोजना के सर्वे एवं डीपीआर की प्रक्रिया की जानकारी भी सामने आ चुकी है, तो इसके अगले चरण पर तेजी से काम क्यों नहीं हो रहा है?
जनता चाहती है कि केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय इस परियोजना की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करें। यदि कोई तकनीकी, वित्तीय या प्रशासनिक अड़चन है, तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए और आगे की प्रक्रिया के लिए समयसीमा तय की जाए।
यह केवल एक रेल लाइन की मांग नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने की उम्मीद है। अब देखना यह है कि रेलवे इस मांग को प्राथमिकता देकर आगे बढ़ता है या क्षेत्र के लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
PagalBaba News Portal की खास अपील
रेणुकूट–अंबिकापुर रेल लाइन कब बनेगी?
Uttar Pradesh aur Chhattisgarh ki sabse sundar connectivity yahi ho sakti hai ,lekin Sarkar ab tak Dhyan nahin de rahi hai
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