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# विजयदशमी विशेष: रामलीला मैदान में रावण दहन की तैयारियां पूरी, क्रेन से खड़ा किया गया विशाल पुतला; शाम 5 बजे से शुरू होगा भव्य मेला
**स्थानीय डेस्क / ग्राउंड रिपोर्ट**
बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का पावन पर्व **विजयादशमी (दशहरा)** आज पूरे क्षेत्र में पारंपरिक उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। स्थानीय रामलीला मैदान में मुख्य आकर्षण यानी 'रावण दहन' और दशहरा मेले के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मैदान में दर्शकों और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए आयोजन समिति पूरी तरह से मुस्तैद है।
### क्रेन की मदद से खड़ा किया गया विशालकाय रावण का पुतला
रामलीला मैदान में इस बार रावण के विशालकाय पुतले को अंतिम रूप दे दिया गया है। भारी-भरकम आकार और ऊंचाई के चलते पुतले को सुरक्षित रूप से खड़ा करने के लिए क्रेन और तकनीकी टीम की सहायता ली गई। पुतले के अंदर रंग-बिरंगी आतिशबाजी और पटाखे सुरक्षित तरीके से लगाए गए हैं। मैदान में कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ-साथ लंका दहन के दृश्य के लिए भी विशेष मंच तैयार किया गया है।
### सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मेले में हजारों की संख्या में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के जुटने की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखते हुए:
* मैदान के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है ताकि दर्शक पुतले और आतिशबाजी से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
* पुलिस प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीम मेले के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए तैनात रहेगी।
* मेला परिसर में आने वाले वाहनों के लिए मैदान के बाहर सुगम पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
### आज शाम 5:00 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत
आयोजन समिति और स्थानीय नागरिकों द्वारा सभी क्षेत्रवासियों से विशेष अपील की गई है कि वे समय का ध्यान रखते हुए **आज शाम 5:00 बजे तक** रामलीला मैदान में अपने परिवारजनों और मित्रों के साथ अवश्य पहुंचें।
शाम को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच युद्ध की लीला का मंचन किया जाएगा, जिसके तुरंत बाद मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच रावण के पुतले का दहन संपन्न होगा।
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दशहरे का त्योहार , आप सभी लोग से निवेदन है कि आज शाम 5:00 तक रामलीला मैदान पर पहुंच जाएंगे
शाम को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच युद्ध की लीला का मंचन किया जाएगा, जिसके तुरंत बाद मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच रावण के पुतले का दहन संपन्न होगा।
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