# प्रयागराज से सोनभद्र का सफर होगा तेज, विंध्य एक्सप्रेसवे की तैयारी में तेजी; मिर्जापुर के 36 गांवों के किसानों को 4 गुना मुआवजा
**प्रयागराज/मिर्जापुर।** उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित **विंध्य एक्सप्रेसवे** को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। करीब **333 किलोमीटर लंबे छह लेन के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे** को लेकर भूमि अधिग्रहण, सर्वे और अन्य तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। परियोजना की अनुमानित लागत करीब **₹26,315 करोड़** बताई गई है।
## प्रयागराज से सोनभद्र तक बनेगा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे **प्रयागराज से शुरू होकर भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र** तक जाएगा। भदोही में यह करीब 35 किलोमीटर क्षेत्र से गुजरने और 52 गांवों को प्रभावित करने की जानकारी सामने आई है। प्रयागराज जिले में भी कई गांवों के अलाइनमेंट और भूमि अभिलेखों का सत्यापन किया जा रहा है।
परियोजना का उद्देश्य विंध्य क्षेत्र को तेज और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देना है। एक्सप्रेसवे के माध्यम से आगे **गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे** जैसे प्रमुख मार्गों से कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है।
## मिर्जापुर के 36 गांवों में भूमि अधिग्रहण की तैयारी
मिर्जापुर जिले में भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रशासन ने किसानों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। **चुनार तहसील के 36 गांवों** के प्रभावित काश्तकारों से भूमि के मूल्य और मुआवजे को लेकर बातचीत की गई है।
प्रशासन की ओर से किसानों को **सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा** दिए जाने के प्रावधान की जानकारी दी गई। भूमि की प्रकृति तथा जमीन पर मौजूद भवन और अन्य संरचनाओं का भी नियमानुसार मूल्यांकन किया जाएगा।
किसानों की ओर से भूमि का मूल्यांकन उच्चतम सर्किल रेट के आधार पर करने के साथ-साथ **सर्विस लेन, अंडरपास और सिंचाई व्यवस्था** जैसी सुविधाओं की मांग भी रखी गई है।
## कितनी होगी लंबाई और कितनी लेन?
विंध्य एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित लंबाई करीब **333 किलोमीटर** है। इसे शुरुआत में **छह लेन** का एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने की योजना है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाने का प्रावधान बताया गया है।
## प्रयागराज-सोनभद्र यात्रा में समय की बचत
मौजूदा सड़क मार्ग की तुलना में नए एक्सप्रेसवे से प्रयागराज और सोनभद्र के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आने की उम्मीद है। विभिन्न रिपोर्टों में यात्रा समय करीब **3 से 3.5 घंटे** तक होने का अनुमान बताया गया है। हालांकि वास्तविक यात्रा समय एक्सप्रेसवे के अंतिम अलाइनमेंट, प्रवेश-निकास और यातायात व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
## विंध्य क्षेत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है परियोजना?
विंध्य एक्सप्रेसवे से क्षेत्र में सड़क संपर्क मजबूत होने के साथ **व्यापार, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों** को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सोनभद्र के औद्योगिक और खनिज क्षेत्र को पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से तेज कनेक्टिविटी मिल सकती है।
इसके अलावा प्रस्तावित **विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे** के जरिए इस नेटवर्क को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई अन्य क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी का विस्तार होगा।
### एक नजर में
- **परियोजना:** विंध्य एक्सप्रेसवे
- **लंबाई:** लगभग 333 किलोमीटर
- **प्रस्तावित क्षमता:** 6 लेन, भविष्य में 8 लेन तक विस्तार
- **मुख्य कॉरिडोर:** प्रयागराज → भदोही → मिर्जापुर → सोनभद्र
- **अनुमानित लागत:** ₹26,315 करोड़
- **मिर्जापुर:** 36 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
- **किसानों के लिए:** सर्किल रेट के चार गुना मुआवजे का प्रावधान
**डिस्क्लेमर:** एक्सप्रेसवे अभी निर्माणाधीन नहीं है। अलाइनमेंट, भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बदलाव संभव हैं; इसलिए गांव-स्तरीय अंतिम जानकारी संबंधित प्रशासनिक अधिसूचना के आधार पर ही मानी जानी चाहिए।
प्रयागराज से सोनभद्र अब महज 3 घंटे! 🚧 विंध्य एक्सप्रेसवे की तैयारी तेज, मिर्जापुर के 36 गांवों के किसानों को 4 गुना मुआवजा
विंध्य एक्सप्रेसवे को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज, मिर्जापुर के 36 गांवों के किसानों को चार गुना मुआवजे का प्रावधान। 333 किमी का एक्सप्रेसवे प्रयागराज से सोनभद्र तक कनेक्टिविटी को देगा नई रफ्तार।
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