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नई दिल्ली/सोनभद्र: शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा करते हैं और माता रानी से सुख, शांति, समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
कौन हैं माँ शैलपुत्री?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। इसी कारण उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। माँ शैलपुत्री को माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों में प्रथम स्थान प्राप्त है। उनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में कमल का पुष्प सुशोभित रहता है। वे वृषभ यानी बैल पर सवार रहती हैं।
कैसे करें माँ शैलपुत्री की पूजा?
नवरात्रि के प्रथम दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल की सफाई के बाद कलश स्थापना की परंपरा निभाएँ। इसके बाद माँ शैलपुत्री को पुष्प, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्र-जाप और दुर्गा चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं।
माँ शैलपुत्री का मंत्र:
ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः।
श्रद्धा और भक्ति का पर्व है नवरात्रि
नवरात्रि को शक्ति की उपासना का प्रमुख पर्व माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। मंदिरों और घरों में भक्ति का वातावरण रहता है तथा श्रद्धालु व्रत रखकर माता रानी की आराधना करते हैं।
PagalBaba News की ओर से सभी श्रद्धालुओं को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ।
जय माता दी! 🚩
रिपोर्ट: PagalBaba News
वेबसाइट: PagalBaba.live
शारदीय नवरात्रि का प्रथम दिन आज, माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ होगी शुरुआत
आज, रविवार 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का पहला दिन है। माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है। 🌺 तिथि: आश्विन शुक्ल प्रतिपदा 🙏 आज की देवी: माँ शैलपुत्री 🪔 विशेष पूजा: घटस्थापना और कलश स्थापना
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